हरि नाम लिया, दिन पार किया।
प्रभु शरण रहा, जीवन उद्धार किया।
सर्द हवाओं में कुछ बचकर आओ घर से निकला जाए
दीवारों की कैद से अच्छा है, उनका चेहरा देखा जाए।
उनके हाथों की गर्मी का अहसास तुम्हें भी हो जाएगा
मंदिर से मस्जिद की दूरी को, उनके घर से नापा जाए।
#यूंही #दोलाईना #योगेश