शनिवार, 25 जनवरी 2014

शनिवार, 11 जनवरी 2014

बाघिन काो लगा छपास राोग!

बाघिन काो लगा छपास राोग! 
पिछले साोमवार काो असल में पूस की ठंडी रात थी। अचानक बाघ के बच्चाों ने गुर्राते हुए अपनी मां यानी बाघिन से कहा, तुम जंगल में छाोटे-छाोटे जानवराों के सामने बड़ा गुर्राती हाो। तुम्हारे घर यानी जंगलाों काो काटने वाले, एके-47 जैसे न जाने कितने घातक हथियार रखने वाले अादमियाों के बीच जाकर कभी इसी तरह से गुर्रा कर दिखाअाो, तब हम भी गर्व से कह सकेंगे कि हमने बाघिन का दूध पिया है। अपने ही बच्चाों की बात मां के दिल काो छू गर्इ। अगले दिन उसने पूछ उठार्इ अाैर दहाड़ मारते हुए स्वदेशी तकनीक से विकसित  अासमान की ऊंचार्इ नाप रहे जीएसएलवी की तरफ देखा। उसके मन में एक पल के लिए अाया कि जैसे ही वह अादमी की बस्ती की अाेर जाएगी, काोर्इ सैटेलाइट या जीपीअारएस सिस्टम उसे ट्रैक कर लेगा।
      मानव ने तकनीक में ऊंचार्इ पा ली है, उसमें फंसने की साोचकर बाघिन का धैर्य जवाब देने लगा। लेकिन बच्चाों के कहे मुताबिक चूंकि वह बस्ती के नजदीक अा गर्इ थी, इसलिए रात काो वह एक घर के पीछे दुबक कर बैठ गर्इ। तभी उसके कानाों में टीवी पर चल रहे एक विज्ञापन की लाइन गूंजी, पहले इस्तेमाल करें...फिर विश्वास करें। उसे सुनते ही जैसे बाघिन काो दाोगुनी ताकत मिल गर्इ। उसने पश्चिम यूपी के उसी मकान के बाहर निकली महिला पर हमला बाोल दिया। न काोर्इ तकनीक उसकी राह की बाधा बनी अाैर न ही अत्याधुुनिक हथियाराों से लैस वनकर्मी व शूटर। बाघिन काो लगा कि वह बेकार ही जंगल-जंगल भटक रही थी, उसे पकड़ने की तकनीक ताो इन अादमियाों के पास भी नहीं है। उसने दूसरे दिन फिर मानव की ताकत काो पहचानने की काोशिश की। फिर सफलता। अखबाराों में बड़ी-बड़ी खबरें देखकर बाघिन काो अपना महत्व भी समझ में आ गया। इस समय जाो बिकता है वही छपता है। छपास का राोग उसकाो भी लग गया है।
 अब हालत यह है कि केजरीवाल अाैर माोदी काो पीछे छाोड़ वेस्ट यूपी की मीडिया में जितनी कवरेज उसे मिल रही है, उससे बाघिन का गुरूर हाो गया है। छपास राोग ने बाघिन काो इस कदर जकड़ लिया है कि उसे अपने बच्चाों की याद तक नहीं अा अा रही। उसे ताो कल फिर अखबार में जगह चाहिए, इसलिए एक शिकार अाज फिर करना हाोगा। यानी अखबार के लिए लीड तय है...
अाैर उसकाो पकड़ने या मारने के अभियान में लगे सरकारी अमले अपने ध्येय वाक्य काो चरितार्थ करने में लगे हैं....शाोर नया...ढर्रा वही।
  
   

शुक्रवार, 10 जनवरी 2014